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समता और सामाजिक विकास केन्‍द्र

केंद्र सरकार के अधिदेश

विकास की प्रवृत्ति सामाजिक है। उनमें सामाजिक मूल्य व्याप्त हैं Iइसके छोर सामाजिक मूल्यों का प्रतीक रहे हैं। सामाजिक प्रक्रिया और संस्थाएं इसके साधन हैं। इसके लाभ और लागत ,समुदायों, सामाजिक समूहों और संगठनों भर में वितरित किये जाते हैं। सभी के विकास में एक तरह से समाज का विकास छिपा हुआ है, क्यूँ कि सबका विकास समाज के ज़रूरी उद्देश्यों को व्यक्त करता है, जिनको पूरा करने में सामाजिक तंत्र की आवश्यकता होती है, और उनके अपने सामाजिक परिणाम होते हैं। वास्तव में, सभी तरह का विकास सामाजिक विकास है और लोगों का विकास केंद्रीय उद्देश्य है, उनका कौशल और उनकी क्षमताएं महत्वपूर्ण संसाधन है।

विकास की प्रक्रिया में, सामाजिक और आर्थिक विकास, एक ही सिक्के के दो पहलू हैंI सामाजिक नीतियों को आर्थिक रूप से बढ़ावा देने के लिए, लिए गए कदम में समाज का विकास सबसे विशिष्ट लक्षण है। सामाजिक विकास की प्रक्रिया एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आयोजित सामाजिक बदलावों की रूप रेखा के अनुसार समस्त जनता के कल्याण के लिए आर्थिक विकास की गतिशील प्रक्रिया के साथ संयोजन किया गया है ।

सामाजिक विकास, लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए, लोगों को अपने जीवन पर नियंत्रण देने के लिए, लोगों के विकास के लिए, एक बहुत ही व्यापक चिंता का विषय है I इस प्रकार सामजिक विकास एक तरह से बहु-आयामी प्रयास है I जिसका अर्थ है ,साक्षरता, शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं की सहज उपलब्धता - दोनों निवारक और उपचारात्मक,पूर्ण और उत्पादक रोजगार। अर्थात, व्यक्ति का जीवन स्वतंत्र और गरिमामय होगा, लिंग जाति, रंग, या धर्म के आधार पर भेदभाव से मुक्त। जिसका अर्थ है व्यक्ति का जीवन सुरक्षित होगा, जहां समाज में प्रत्येक व्यक्ति अपना जीवन अपने अनुसार व्यतीत कर सकेगा, साथ ही दूसरों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।

समानता और सामाजिक विकास केंद्र (सी ई एस डी) में एन आई आर डी एवं पी आर अनुसंधान, प्रशिक्षण और परामर्श सेवाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में समानता और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उद्देश्य

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में अनुभव की गई समस्याओं का अध्ययन करना
  • मानव संसाधन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले तत्वों को समझना;
  • उन कारकों की जांच करना जो संसाधन, आय और विकास के लाभों का समान रूप से वितरण करने में बाधा पैदा करते हैं ;
  • सूक्ष्म रूप से उन कारकों का निरीक्षण करना जो व्यापक स्तर पर जनता की भागीदारी को बढ़ावा देते हैं ;
  • समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों को मुख्य धारा में शामिल करने में आने वाली बाधाओं की पहचान करना
  • उपरोक्त मुद्दों को समझने के अनुभव को प्रकाशनों ,संगोष्ठियों/कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यों के माध्यम से बांटना।

महत्वपूर्ण क्षेत्र और गुंजाइश

समानता और सामाजिक विकास केंद्र मुख्य रूप से उन नीतियों, रणनीतियों, और कार्यक्रमों पर अपना ध्यान केन्द्रित करती है जो ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक विकास को बढ़ाते हैं I ये गरीबी कम करने पर बल देते हैं, न केवल उत्पादन की वृधि के विषय में बल्कि कि सामजिक,आर्थिक और राजनीतिक विकास की प्रक्रिया के माध्यम से गरीबों कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और परिवार के बाहर रोजगार के अवसर के स्तर में वृद्धि लाते हुए गरीबों को बराबर भागीदारी मिलने पर भी ज़ोर देती है, जिससे वर्ग, जाति, लिंग, जातीय समूहों, ग्रामीण-शहरी आदि के स्तर पर होने वाले भेद-भाव ख़त्म हो जाएं। भागीदारी : समानता और सामजिक विकास केंद्र, एक और महत्तवपूर्ण क्षेत्र की और अपना ध्यान केन्द्रित करती है, वह माध्यम जिसके द्वारा गरीब प्रत्यक्ष रूप से विकास की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैंI सामाजिक विकास को बढ़ावा देने में, गरीबों का सशक्तिकरण, उनके ज्ञान और क्षमताओं के क्षेत्रों को विस्तृत करना जिससे वह स्वयं की रक्षा कर सके और अपनी जीविका को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा सके, यह सभी समानता और सामजिक विकास केंद्र के महत्वपूर्ण चिंता के घटक हैं। सामान्यतः, महिलायों के सामजिक और आर्थिक विकास के लिए और जेंडर समानता को बढ़ावा देने में संसाधनों और विकास के लाभों का बराबरी से उपयोग सुनिश्चित करना भी समानता और सामजिक विकास केंद्र की चिंताओं में से एक है। समानता और सामजिक विकास केंद्र, समाज की अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों , विकलांगों और बाल श्रमिकों जैसे अनुसूचित अनुभागों को भी विशेष रूप से महत्तव देती है

संकाय

डॉ आर आर प्रसाद

अध्यक्ष

शैक्षिक योग्यता : एम ए पी एच डी
विशेषज्ञ क्षेत्र : लाभवंचित समूहों का विकास, सामाजिक नयाय, समुदाय संग्रहण, सहभागी विकास,सी एस आर
ईमेल : rrprasad21[at]gmail.com
फ़ोन :
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डी जी वेलेंटीना

सह - प्राध्यापक

शैक्षिक योग्यता : एम ए, एम फिल, पीएचडी, आईआरपीएम, पीजीडीईई
विशेषज्ञ क्षेत्र : समाजशास्‍त्र, ग्रामीण विकास के लिए प्रौद्योगिकी हस्‍तक्षे, महिला सशक्तिकरण
ईमेल : valentina.nird[at]gov.in
फ़ोन : 040-24008410
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Dr R K Shrivastava

Consultant

शैक्षिक योग्यता : M.A, Ph.D
विशेषज्ञ क्षेत्र : Development of Scheduled Castes and Scheduled Tribes and in particular of Safai Karmacharis and Particularly Vulnerable Tribal Groups (submitted 7 evaluation reports to Govt of India so far); Implementation of SC and ST (prevention of Atrocities) Act, 1989, FRA and PESA; Corporate Social Responsibility; Action research through village studies; To help the have-nots in remotest parts of the country is my area of interest and passion;
ईमेल : rksvastava[at]gmail.com
फ़ोन :
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